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अयोध्या राम मंदिर |
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या राम मंदिर की विशेषताएं ~
अयोध्या मे बने राम जन्मभूमि मंदिर को परंपरागत नागर शैली में बनाया गया है । इस शैली को "उत्तर भारतीय मंदिर शैली" भी कहा जाता है । नागर शैली मे संपूर्ण मंदिर सामान्यतः एक पत्थर के चबूतरे पर बनाया जाता है, जिसमें ऊपर तक जाने के लिए सीढियाँ बनी होती हैं । इस नागर शैली में गर्भगृह सबसे ऊंचे शिखर के ठीक नीचे होता हैं ।अयोध्या राम मंदिर के मुख्य गर्भगृह में राम का बाल रूप, श्रीराम लला सरकार का विक्रय तथा प्रथम तल पर श्रीराम दरबार होगा । श्रीराम मंदिर के खंभों व दीवारों में देवी देवताओं तथा देवांगनाओं की मूर्तियों उकेरी गयी है । अयोध्या राम मंदिर का मुख्य प्रवेशद्वार पूर्व दिशा मे है । अयोध्या राम मंदिर मे कुल 32 सीढ़ियां चढ़कर सिंह द्वार सें मंदिर में प्रवेश किया जाता है । इस मंदिर के चारों तरफ आयताकार परकोटा बना है, चारों दिशाओं में इसकी कुल लंबाई 732 मीटर तथा चौड़ाई 14 फिट है । परकोटा के चारों कोनों पर सूर्य देव, माता भगवती, गणपति और भगवान शिव को समर्पित चार मंदिर स्थित है । उत्तरी भुजा में माँ अन्नपूर्णा और दक्षिणी भुजा में हनुमान जी का मंदिर बना है ।
अयोध्या राम मंदिर मे कुल मंडप की संख्या? ~
इस मंदिर में कुल पांच मंडप है - 1.नृत्य मंडप, 2.रंग मंडप, 3.सभामंडप, 4.प्रार्थना मंडप व 5.कीर्तन मंडप ।अयोध्या राम मंदिर मंदिर परिसर की लंबाई चौड़ाई कितनी है? ~
अयोध्या राम मंदिर की लंबाई पूर्व से पश्चिम 380 फिट है ।इसकी चौड़ाई 250 फ़ीट तथा ऊँचाई 161 फिट है । अयोध्या राम मंदिर तीन मंजिला है । हर मंजिल की उँचाई 20 फिट होगी । मंदिर में कुल 392 खंभे और 44 द्वार बनें है ।अयोध्या राम मंदिर परिसर मे पौराणिक काल का सीता कूप ~
राम मंदिर के समीप पौराणिक काल का सीता कूप विद्यमान है । मंदिर परिसर में कुछ अन्य मंदिर - महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्ती, निषादराज, माता शबरी व ऋषि पत्नी देवी अहिल्या को समर्पित मंदिर आदि । दक्षिण पश्चिमी भाग में नवरत्न कुबेर टीला पर भगवान शिव के प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है, वहाँ जटायु प्रतिमा की स्थापना की गई है ।अयोध्या राम मंदिर में लोहे का प्रयोग नही ~
धरती के ऊपर बिलकुल भी कंक्रीट का उपयोग नहीं किया गया है । मंदिर के नीचे 14 मीटर मोटी रोलर कॉम्पैक्टेड कंक्रीट बिछाई गई है इसे कृत्रिम चट्टान का रूप दिया गया है । मंदिर को धरती की नमी से बचाने के लिए 21 फिट ऊंची प्लींथ ग्रेनाइट से बनाई गई है ।अयोध्या राम मंदिर में श्रध्दालुओ के लिए सुविधाएं ~
राम मंदिर में विकलांग और वृद्धों के लिए रैंप और लिफ्ट की व्यवस्था की गई है । इसके अलावा मंदिर मे 25,000 क्षमता वाली एक दर्शनार्थी सुविधा केंद्र फसिलिटी सेंटर का निर्माण किया गया है, जहाँ दर्शनार्थियों के सामान रखने के लिए लॉकर व चिकित्सा की सुविधा रहेंगी । मंदिर परिसर में स्नान, शौचालय, वॉश-बेसन, ओपन टैक्सी आदि की सुविधा भी है । परिसर में स्वतंत्र रूप से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, अग्निशमन के लिए जल व्यवस्था तथा स्वतंत्र पावर स्टेशन का निर्माण किया गया ताकि बाहरी संसाधनों पर न्यूनतम निर्भरता रहे । मंदिर का निर्माण पूरी तरह से भारतीय परंपरानुसार स्वदेशी तकनीक से किया गया । पर्यावरण जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, कुल 70 एकड़ क्षेत्र में 70% क्षेत्र सदा हरा-भरा रहेगा ।यह भी पढे:- भगवान श्रीराम जी की ख्याति भारत के साथ- साथ विदेश मे भी बढती जा रही है,भगवान श्रीराम जी की करेंसी इस देश मे चलती है....
जय श्रीराम ।
जय भोलेनाथ की ।
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