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मकर संक्रांति |
मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है वैज्ञानिक व धार्मिक कारण ~
जैसा कि आप जानते हैं भारत में शुरुआत के समय से ही प्रकृति को देवों का स्थान दिया गया है और मकर संक्रांति का त्यौहार जो है वो भी प्रकृति को ही समर्पित है । दरअसल यह एक पूरी तरीके से वैज्ञानिक त्योहार है और सूर्य की स्थिति जो बदलती है उस कारण से इस त्यौहार को मनाया जाता है । जैसा कि आप जानते हैं कि सनातन धर्म और हिंदू धर्म अधिकतर जो परंपराएं और मान्यताएँ हैं, वो वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बनाई गई है ।
मकर संक्रांति कौन-कौन से प्रदेश में मनाया जाता है ~
मकर संक्रांति को भारत के अलग अलग राज्यों में अलग अलग नामों से जाना जाता है और अलग अलग तरीकों से मनाया जाता है -
1.मकर संक्रांति को राजस्थान में बोलते हैं ~
2.मकर संक्रांति को बिहार में बोलते हैं ~
3.मकर संक्रांति को झारखंड में बोलते हैं ~
4.मकर संक्रांति को आंध्र प्रदेश में बोलते हैं ~
5.मकर संक्रांति को कर्नाटक में बोलते हैं ~
6.मकर संक्रांति को केरल में बोलते हैं ~
7.मकर संक्रांति को उत्तर प्रदेश में बोलते हैं ~
8.मकर संक्रांति को तमिलनाडु में बोलते हैं ~
9.मकर संक्रांति को गुजरात में बोलते हैं ~
मकर संक्रांति मनाने का वैज्ञानिक कारण ~
मकर संक्रांति के दिन से सूर्य की उत्तरायण गति प्रारंभ हो जाती है, इसलिए मकर संक्रांति को उत्तरायण भी कहते हैं ।
हिंदू धर्म में महिने को दो पक्षों में बांटा गया है - कृष्णपक्ष और शुक्लपक्ष, ठीक इसी तरह से वर्ष को भी दो भागो में बांटा गया है एक है उत्तरायण और एक है दक्षिणायन, अगर दोनों को मिला दिया जाए तो एक वर्ष पूरा हो जाता है ।
मकर संक्रांति मनाने का धार्मिक कारण है ~
इसके अलावा पौष मास में जब सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करता है तब मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है, क्योंकि सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है इसीलिए इसे मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है ।
मकर संक्रांति एक ऐसा त्योहार है जिसे संपूर्ण भारतवर्ष में मनाया जाता है, हर साल जनवरी की 14 तारीख को मकर संक्रांति मनाया जाता है तो ये त्योहार मनाने के पीछे इन सारे वैज्ञानिक कारणो के साथ-साथ कुछ धार्मिक मान्यताएँ भी हैं जैसे कि हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार आज के दिन यानी मकर संक्रांति के दिन भगवान विष्णु ने असुरों का अंत करके उनके सिरों को मंदार पर्वत में दबाकर युद्ध की समाप्ति की घोषणा की थी इसीलिए इस मकर संक्रांति के दिन को बुराइयों और नकारात्मकता को समाप्त करने का दिन भी मानते हैं । बहुत सारी जगहो पर मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने की भी परंपरा है । पूरे भारत में इस त्यौहार को हर्षोल्लास से मनाया जाता है ।
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