पूर्णिमा व्रत पूजन विधि/पूर्णिमा तिथि के दिन धनवान और कर्ज से मुक्ति पाने के 9 शक्तिशाली उपाय/purnima varat vidhi &upay

 

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पूर्णिमा व्रत

Religion:-पूर्णिमा व्रत पूजन विधि/Poornima Vrat Puja Vidhi/

Purnima Fast Rules and Vrat and Puja Benefits ~

 व्रत मार्गशीर्ष पूर्णिमा, इस दिन भगवान नारायण की पूजा की जाती है। सर्वप्रथम नियमपूर्वक पवित्र होकर स्नान करें और श्वेत वस्त्र धारण करके आंचमन करें फिर.' ॐ नमो नारायण” कहकर आवाह्न करें तथा आसन, सुगन्धित पुष्प आदि भगवान को अर्पित करें । भगवान के सामने चौकोर वेदी बनाये जिसकी लम्बाई-चौड़ाई एक-एक हाथ हो, हवन करने हेतु अग्नि स्थापित करें और उसमें घी, तिल, जौ, शक्कर आदि की आहुति दें। हवन सम्पन्न होने के पश्चात्‌ पुनः भगवान्‌ का पूजन करें और निम्न प्रकार से प्रार्थना करके अपना व्रत उन्हें अर्पित कर दे- हे देव पुण्डरीकाक्ष, मैं पूर्णिमा को निराहार रहकर दूसरे दिन आपकी आज्ञा से भोजन करूँगा/करूँगी । रात्रि में चन्द्रोदय होने पर श्वेत पुष्प, अक्षत, चन्दन एवं जल सहित अर्ध्य दें । दूसरे दिन प्रातः ब्राह्मणों को भोजन कराकर दान-दक्षिणा देकर विदा करें । तत्पश्चात् आप स्वयं भोजन करें । 


 पूर्णिमा तिथि के दिन धनवान और कर्ज से मुक्ति पाने के 9 शक्तिशाली उपाय/9 powerful ways to become rich and free from debt on full moon day~

 अगर कोई धनवान बनने की अपनी कामना पूरी करना चाहते हैं तो किसी भी महीने की पूर्णिमा तिथि को ये खास उपाय करेंगे तो उसे धनवान बनने से कोई नहीं रोक सकता । माता लक्ष्मी जी की कृपा चाहिए तो पूर्णिमा तिथि से बढ़कर और कोई तिथि नहीं होती है । पूर्णिमा के उपाय टोटके बहुत सिद्ध और कल्याणकारी माने जाते हैं, पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा अपने पूर्ण आकार में होते हैं ये दिन माता लक्ष्मी जी को भी अत्यंत प्रिय होता है । इस दिन पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ माता लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए उपाय करेंगे तो माता लक्ष्मी जी की निरंतर कृपा बनी रहती है, इस दिन यदि माता लक्ष्मी को प्रसन्न कर लिया जाए तो जातक के जीवन में किसी भी चीज़ की कमी नहीं रहती है ।

पूर्णिमा तिथि के दिन धनवान और कर्ज से मुक्ति पाने का पहला शक्तिशाली उपाय/The first powerful way to become rich and free from debt on the full moon day 

पूर्णिमा तिथि की शाम को गेहूं के आटे में दूध मिलाकर छ: रोटी बनाये,बाद में उन रोटियो को रात को/चंद्रोदय के बाद चंद्रमा की रौशनी में किसी भी सफेद रंग की गाय को खिलाएं । इस प्रयोग से व्यक्ति की बुरी से बुरी किस्मत भी जाग जाएगी और भाग्य का साथ मिलता रहेगा, ये प्रयोग पूर्णिमा से लगातार पंचमी तिथि /5 दिन तक करते रहेंगे तो कंगाल भी करोड़पति बन जाता है ।

 दूसरा उपाय ~

पूर्णिमा के दिन काली हल्दी को सिंदूर में भिगोकर और चंदन की धूप से पूजा करने के बाद चांदी के दो सिक्को के साथ लाल कपड़े में लपेटकर धन स्थान पर रख दे यानी तिजोरी में रखने से हमेशा हमेशा के लिए आर्थिक समस्याएं दूर हो जाएगी, इसे व्यापार स्थल के गल्ले में रखने से भी व्यापार में भारी वृद्धि होती है । काली हल्दी किसी भी पंसारी की दुकान पर मिल जाती है । 

तीसरा उपाय ~

पूर्णिमा के दिन अपने घर के मंदिर में श्री महालक्ष्मी यंत्र की स्थापना करके गाय के घी का दीपक जलाये, बाद में इस यंत्र के सामने बैठकर "ॐ महालक्ष्मीये नम:" इस मंत्र का 11 माला जाप करें । इस उपाय से माता लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न होती है और पूरे साल छप्पर फाड़ के धन वर्षा करती है।

चौथा उपाय ~

पूर्णिमा तिथि के दिन एक मुट्ठी काले तिल परिवार के सभी सदस्यों के सिर के ऊपर से सात बार उतारकर/वार कर घर से बाहर निकलकर पश्चिम दिशा की ओर फेंक दें, इस उपाय से दूसरे दिन से ही घर में धन की आवक शुरू हो जाएगी । ये उपाय हर पूर्णिमा तिथि को करते रहे । 

पांचवां उपाय ~

 पूर्णिमा के दिन नित्य क्रम से निवृत्त होकर पीपल के पेड़ में सफेद रंग की मिठाई रखकर और मीठा जल अर्पण करें बाद में धूप अगरबत्ती जलाकर माता लक्ष्मी को अपने घर में निवास करने के लिए आमंत्रण करें । इससे माता लक्ष्मी की कृपा उस जातक पर सदा सदा बनी रहेंगी ।

 छठा उपाय ~

 जो व्यक्ति कर्ज से या धन संबंधित समस्या से परेशान हैं तो उन्हें ये उपाय जरूर कर लेना चाहिए, पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय के समय कच्चे दूध में चीनी, चावल और सफेद तिल मिलाकर "ॐ हीम क्लीम सोमाय नम:" इस मंत्र का जाप करते हुए अर्ध्य देना चाहिए । यह उपाय पूर्णिमा से पंचमी तिथि तक करते हैं यानी 5 दिन तक लगातार करते रहे । इस प्रयोग से धन की तंगी, दरिद्रता, कार्यों में रुकावटें तुरंत दूर होती है महादेव की कृपा से धन की आवक शुरू होती है ।

सातवाँ उपाय ~

 पूर्णिमा के दिन घर में माँ लक्ष्मी जी के चित्र पर 11 कौड़ियां चढ़ाकर उन पर हल्दी का तिलक करें, अगले दिन सुबह इन कौड़ियों को लाल रंग के कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रखें ।  इस उपाय से घर में धन की कभी भी कमी नहीं रहती है ।हर पूर्णिमा के दिन इन कौड़ियों को तिजोरी से निकालकर माता के सम्मुख रखकर हल्दी से पुन: तिलक करें और फिर पूर्णिमा के अगले दिन सुबह उन्हें लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रखें दे । इस प्रयोग से निरंतर धन की आवक बनी रहेंगी, माता लक्ष्मी जी घर में रुककर विराजमान रहेंगी । 

आठवां उपाय ~

पूर्णिमा के दिन एक बांस की बांसुरी पर तीन मोर पंख बांधकर/ लंबे लपेटकर कलावा से बांध दें और अपने घर के मंदिर में भगवान कृष्ण की प्रतिमा के आगे रखकर पूजा करें । दूसरे दिन इन मोर पंख बंधी बांसुरी को अपने घर के उत्तर दिशा के कमरे में टांग दें । इस प्रयोग से घर के सारे सदस्यों का दिमाग तेज बनता है, भगवान कृष्ण की कृपा से परिवार शीघ्र धनवान बनता है और घर के बच्चे पढ़ाई में होशियार बनते हैं ।

 नौवां उपाय ~

पूर्णिमा की रात को एक कांच के जार/बर्तन में शुद्ध पानी भरके घर की छत पर रख दें, जिससे सारी रात चंद्रमा की रौशनी पड़ती रहे । अगले दिन सुबह उस पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर घर में शिवलिंग पर अर्पण करें, बचे हुए पानी को घर के सारे सदस्य प्रसाद के तौर पर ग्रहण करे । इस प्रयोग से व्यक्ति को नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है और सोई किस्मत भी जाग जाती है, हर काम में भाग्य का साथ मिलता है, व्यापार, नौकरी में सफलता मिलती है । 

 

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