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गौ माता से जुड़े 11 शुभ अशुभ संकेत |
गौ माता से जुड़े शुभ अशुभ संकेत ~
क्या होता है गाय के दरवाजे पर रंभाने पर जाने गौमाता से जुड़े शुभ अशुभ संकेत। कहा जाता है जहाँ गाय वास करती है वहाँ लक्ष्मी होती है। ब्रह्मवैवर्तपुराण के अनुसार गौ माता के पैरों में समस्त तीर्थ स्थल का वास होता है। गाय की प्रतिदिन पूजा करने से समस्त कष्टों का नाश होता है। व माता सर्व देवानां। अर्थात गाय सभी देवताओं की माता है। सनातन धर्म में गाय को देवी माँ का दर्जा प्राप्त है। हिंदू पौराणिक मान्यता के अनुसार 33 कोटि देवता गाय में वास करते हैं। शास्त्रों के अनुसार गाय में सुरभि नामक लक्ष्मीदेवी भी वास करती है। गाय की प्रतिदिन पूजा करने से समस्त कष्टों का नाश होता है। शास्त्रों में गाय के वर्णित संकेतों के बारे में। गाय के शुभ, अशुभ लक्षण और गाय के शुभ अशुभ संकेत।
1.रास्ते में गाय का दर्शन होना शुभ माना जाता है।
2. गाय की आवाज भी सुनाई दे जाए तो इससे सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
3. गाय का दरवाजे पर आकर रंभाना यानी बोलना शुभ संकेत माना जाता है। शास्त्रों में वर्णित कथा के अनुसार यह दर्शाता है कि भगवान साक्षात आपकी सभी गलतियों को क्षमा करने के लिए द्वार पर खड़े हैं। इस दौरान गाय को रोटी खिलाने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
4. शास्त्रों के अनुसार आंगन या घर के बाहर बनी रंगोली में गाय का पैर रखना या वहाँ खड़े हो जाना बहुत ही शुभ सूचक माना जाता है।
5. पद्म पुराण और कर्म पुराण के अनुसार गाय को कभी लांघकर नहीं जाना चाहिए। इससे बनता काम भी बिगड़ जाता है।
6. शास्त्रों के अनुसार गाय को लांघना या लात मारना मौत को दावत देना है। इससे जीवन में अकाल मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है।
7. गाय माता की पीठ पर कूबड़ होता है। शास्त्रों के अनुसार कूबड़ में सूर्यकेतु नाड़ी होती है। प्रतिदिन पीठ पर हाथ फेरने से समस्त रोगों का नाश होता है और व्यक्ति स्वस्थ रहता है।
8. गाय को नियमित तौर पर भोजन कराने से नवग्रहों की शांति होती है। ऐसे में नियमित तौर पर खुद भोजन करने से पहले गाय को भोजन कराएं।
9. गाय के गोबर से बने उपलों से प्रतिदिन घर, मंदिर व दुकान परिसर में धुप करने से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
10. हथेली पर गुड़ और चना रख कर गाय को खिलाएं। इससे सोये हुए भाग्य की रेखा खुल जाती हैं और सफलता की प्राप्ति होती है।
11. जो भी मनुष्य प्रतिदिन गाय की सेवा करता है और गाय को चारा देने के बाद रोटी खिलाता है, उसके कार्य में आने वाली सभी विघ्न बाधाएं अपने आप खत्म हो जाती है।
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